तब्लीगी जमान से 240 सीकर आए, पंजाब, महाराष्ट्र और यूपी से आए 100 जमाती लॉकडाउन के बाद भी बाहर घूमते रहे

सीकर. तब्लीगी जमात से लौटे लोगों के कारण शेखावाटी में कोरोना वायरस का खतरा बढ़ गया है। शनिवार को झुंझुनूं में सात और चूरू में 2 पॉजिटिव मरीज और मिले। झुंझुनूं में यह पहली बार है, जब एक ही दिन में छह पॉजिटिव मिले।


झुंझुनूं में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 16 और चूरू में 10 हो गई है। सीकर में अभी एक पॉजिटिव है, जिसका जयपुर में इलाज चल रहा है। जबकि राज्य में आंकड़ा 204 पहुंच गया है। राज्य के 54 फीसदी यानी 33 में से 19 जिले कोरोना की चपेट में आ गए हैं।


यह आंकड़े सीकर की चिंता भी बढ़ाने वाले हैं। विभिन्न जिलों और प्रदेशों से तबलीगी जमात से 240 से ज्यादा सीकर आए हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 191 जमाती चिन्हित कर लिए हैं। इनमें से 121 को क्वारेंटाइन किया गया है।


अभी भी 70 जमाती खुले घूम रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कई जमाती सामने ही नहीं आ रहे। सूत्र बताते हैं कि 100 से ज्यादा लोग लॉक डाउन के दरमियान ही सीकर में आए हैं। सवाल यह है कि पुलिस की पुख्ता जांच के बाद भी यह लोग कैसे पहुंचे। खतरा इसलिए भी ज्यादा बढ़ा है कि यह लोग जिलेभर में घूमकर प्रचार करते रहे। कई लोगों में बुखार मिल रही है।


शनिवार को 43 जमातियों को क्वारेंटाइन किया है। इनमें 15 फतेहपुर रोड अकबरी मस्जिद और 10 मोहल्ला नारवान के जमाती हैं। ये जमाती पंजाब की चोटिया जमात से आए हैं। 24 जमातियों  कारोना वायरस के लक्षण मिलने पर सैंपल लिए।


रविवार तक सैंपल की जांच रिपोर्ट आएगी। दिलचस्प यह है कि अजमेर शरीफ, नवलगढ़, झुंझुनूं, जयपुर, उदयपुर, पंजाब, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, चूरू आदि जिलों से आए हैं। इनमें कई लोग तो मस्जिद के हॉस्टलों में रहे हैं। आशंका है कि इनकी वजह से शेखावाटी कोरोना का बड़ा केंद्र बन सकता है। झुंझुनूं में 31 मार्च को कोरोना पॉजिटिव आठ और चूरू में महज एक था, लेकिन तबलीगी जमात से आए लोगों की वजह से चार दिन में यह आंकड़ा अचानक बढ़ गया। दौसा, बीकानेर, टोंक जैसे आठ जिले तो ऐसे थे, जिनमें कोई भी पॉजिटिव केस नहीं था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।


पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि तब्लीगी जमात से सैकंड़ों लोग दिल्ली गए थे। पुलिस अभी तक सिर्फ 51 लोगों को ही तलाश पाई है। जबकि आंकड़े इससे ज्यादा हैं। इसी तरह विभिन्न प्रदेशों और जिलों से सैकड़ों लोग आए हुए हैं।


पुलिस के अनुसार, सीकर कोतवाली में 12, सीकर उद्योग नगर में सात, फतेहपुर कोतवाली में 16, सदर फतेहपुर में 12, रामगढ़ सेठान में 24, लक्ष्मणगढ़ में 29, नेछवा में चार, बलारां में 14, पाटन में पांच, खंडेला में 41, श्रीमाधोपुर में 11, खाटूश्यामजी में एक और दांतारामगढ़ में तबलीगी समुदाय से जुड़े 12 लोग विभिन्न जिलों से आए हैं। इनमें कई आइसोलेशन में रखे गए हैं। इनके अलावा फतेहपुर की एक अन्य सूची में 52 लोगों के नाम भी शामिल हैं। अब गंभीर सवाल यह है कि लॉक डाउन और धारा 144 के बाद भी ये लोग बड़ी संख्या में दूसरे प्रदेशों व जिलों से शेखावाटी में कैसे पहुंच गए।


वीडियो वायरल : जमाती बोला-हम दिन में चार बार चाय पीते हैं, लेकिन नहीं दे रहे, दो की जांच ही नहीं हुई
शनिवार को क्वारेंटाइन जमाती का वीडियो वायरल हुआ। जमाती समाज कल्याण के छात्रावास में है। जमाती कह रहा है कि छात्रावास में चाय, नाश्ता और खाने की व्यवस्था नहीं है। सुबह 25 एमएल चाय दी। स्वस्थ होने के बावजूद रखा जा रहा है। एक जमाती हार्ट का मरीज हैं। उसे कोई सामान नहीं लाने दिया जा रहा है। हम फिलहाल फिट है। खाने-पीने में कमी रही तो बीमार हो जाएंगे। दिन में चार बार चाय पीने वाले हैं, लेकिन नहीं मिल रही है। रोटियां नहीं मिल रही है। छात्रावास में दो जमात ऐसी भी, जिनकी कोई जांच नहीं हुई। फिर भी रखा जा रहा है।


पंजाब की जमात के 15 जने 29 को आए थे शहर


29 मार्च को पंजाब की चोटिया जमात के 15 जने सीकर आए थे। फतेहपुर रोड स्थित मस्जिदों में रह रहे थे। पार्षद और दूसरे लोग स्वास्थ्य टीम से बार-बार जांच की वजह पूछने लगे। पार्षद अकरम खत्री ने कहा शक है तो 29 मार्च को ले जाना था। रोज जांच का क्या औचित्य है।


स्वास्थ्य विभाग ने हर दिन जांच जरूरी होने का हवाला दिया। इस पर वे राजी हुए। दो जमातियों का टेंपरेचर ज्यादा मिला। जिले में पंजाब, दिल्ली, यूपी, हरियाणा और महाराष्ट्र की जमात से लोग आए हैं। यह जमाते खंडेला, नीमकाथाना, रामगढ़-शेखावाटी, फतेहपुर, सीकर शहर समेत कई जगह प्रचार कर चुकी हैं।


इनका कहना है 


24 जमातियों के सैंपल भेजे गए हैं। रविवार तक रिपोर्ट आएगी। अब तक 182 सैंपल में से 150 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 31 की रपेडिंग है। 15226 व्यक्तियों को होम क्वारटेंन किया है। - डा. अजय चौधरी, सीएमएचओ
ट्रेवल हिस्ट्री के आधार पर जमातियों की सूची स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई है। इनमें कुछ लोग जनवरी, कुछ फरवरी और कुछ मार्च के महीने में आए हैं। बाकी की तलाश की जा रही है। - डा. गगनदीप सिंघला, एसपी


चिंता में डाल रहे उदाहरण : चूरू में पॉजिटिव मरीज की संख्या 31 मार्च तक सिर्फ एक ही थी। दोबारा जांच में इसकी रिपोर्ट भी नेगेटिव मिली थी। लेकिन, तबलीगी जमात दिल्ली से आए लोगों की वजह से एक साथ आंकड़ा 10 तक पहुंच गया। शनिवार को भी 2 पॉजिटिव मिले।


शनिवार को पहली बार जिले में छह रोगी पॉजिटिव मिले। खेतड़ी और मंडावा में कोई पॉजिटिव नहीं था, लेकिन शनिवार को खेतड़ी में एक साथ चार, झुंझुनूं और मंडावा में एक-एक पाॅजिटिव मिला। अब कलेक्टर ने खेतड़ी व मंडावा में 15 अप्रैल तक क्रर्फ्यू लगा दिया है।